भारत में मिसाइल (missiles) कार्यक्रमों को विकसित करने का श्रेय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) को है आइये जानते हैं भारत की प्रमुख मिसाइलों (missiles) के बारे में -

Important information about India's missiles

भारत की प्रमुख मिसाइलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी - Important information about India's missiles in Hindi

अग्नि - 1(agni - 1)

इस मिसाइल पर वर्ष 1999 में कार्य शुरू किया गया किन्तु परीक्षण वर्ष 2002 किया गया इसे कम मारक क्षमता वाली मिसाइल से रूप में विकसित किया गया यह 700 किमी तक मार करने में संक्षम है इसे भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है

अग्नि - II (agni - ii)

सतह से सतह मार करने वाली अग्नि-II मिसाइल का व्हीलर आयलैण्ड से मई 2010 में सफल परीक्षण किया गया इससे पूर्व 2009 में दो बार इसका परीक्षण असफल रहा इस मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किमी है तथा यह एक टन का पेलोड ले जाने में सक्षम है

अग्नि- III (agni - iii)

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण वर्ष 2006 में किया गया था जिसमें आंशिक सफलता ही मिली वर्ष 2007 और 2008 में इसका सफल परीक्षण किया गया वर्ष 2010 में व्हीलर आइलैण्ड से इसका चौथा परीक्षण किया गया 3500 किमी मारक क्षमता वाली इस मिसाइल 17 मी लम्बी है इसका व्यास 2 मी है

अग्नि-IV (agni - iv)

सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का सफल परीक्षण नवम्बर 2011 में किया गया यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है इस मिसाइल का मारक क्षमता 3 हजार किमी है तथा इसकी पेलोड क्षमता 1000 किमी है

अग्नि - V (agni - v)

इस अन्तर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का 15 सितम्बर 2013 को ओडिशा के व्हीलर द्वीप से सफल परीक्षण किया गया इससे पहले 19 अप्रैल 2012 को अग्नि V का पहला सफल परीक्षण‍ किया गया था परमाणु हथियार ने जाने में सक्षम इस मिसाइल की मारक क्षमता 5000 किमी है इस प्रकार अब अमेरिका को छोड कर विश्व के सभी महाद्वीप इस मिसाइल की परिधी में अा गये हैं यह मिसाइल तीन चरणों में काम करती है तथा आखिरी चरण में 800 किमी की ऊॅचाई तक पहुॅच कर बुलैट से भी तेज स्पीड से आपने निशाने की तरफ आती है

अग्नि - VI (agni - vi)

यह एक अंतर माहाद्वीपीय वैलिस्टिक मिसाइल है जिसका विकास डी आर डी ओ तथा भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics Ltd.) द्वारा किया जा रहा है इसका वजन 55-70 किलाेग्राम है और इसकी मारक क्षमता अधिकतम 10000 किमी है

धनुष (dhanush)

इस मिसाइल को नौसेना के लिए विकसित किया गया है यह 350 किमी की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को भेद सकती है जिसका विकास डी आर डी ओ तथा भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा किया है इसकी लंबाई 10 मीटर त‍था चौडाई 1 मीटर है यह 500 किलोग्राम तक के हथियार ले जाने में सक्षम है

प्रहार (prahaar)

सतह से सतह तक मार करने वाली इस मिसाइल की मारक क्षमता 150 किमी है इसकी लंबाई 7.3 मीटर व वजन 1200 किलोग्राम तथा व्यास 420 मिमी है यह मिसाइल अपने साथ 200 किलोग्राम पेलोड ले जाने में सक्षम है

प्रथ्वी (prthvee)

यह मिसाइल भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित की है तथा सेना में शमिल किया गया है भारत के एकीकृत मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत पृथ्वी पूर्ण रूप से स्वदेश में निर्मित पहली मिसाइल है इस मिसाइल से 500 किलोग्राम के बम गिराये जा सकते हैं

ब्रह्मोस (brahmos)

यह ध्वनि की गति से भी तेज चलती सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल है यह 290 किमी तक मार करने की क्षमता रखती है तथा इसका वजन 3 टन है यह ध्वनि की गति से 2.8 गुना अधिक गति से उडान भर सकती है यह हवा में ही मार्ग बदल सकती है तथा चलते- फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है

आकाश (aakaash)

सतह से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल का वजन 700 किलोग्राम है यह मिसाइल 55 पेलोड ले जा सकता है इसकी गति 2.5 मॉक है यह मिसाइल एक साथ कई निशनों को भेद सकती है

त्रिशूल (trishool)

यह सतह से सतह आकाश में मार करने वाली त्वरित प्रतिक्रिया वाली मिसाइल है इसका प्रयोग किसी जहाज से नीचे उड रही आक्रमणकारी मिसाइलों के विरूद्ध समुद्ररोधी द्रुतगामी मीटर नाव के रूप में भी किया जा सकता है

नाग (naag)

डी आस डी ओ द्वारा विककित तथा "दागो और भूल जाओ" की नीति पर आधारित यह एक टैंकरोधी मिसाइल है इसका वजन 42 किग्रा तथा लंबाई 1.90 मीटर है

सागरिका (Sagarika) 

यह सबमेरिन लॉच बैलिस्टिक मिसाइल है समुद्र के भीतर से इसका पहला परीक्षण फरवरी 2008 में किया गया था भारत ऐसा पॉचवा देश है जिसके पास पनडुब्‍बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता है

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