अभिमन्‍यु भारद्वाज 1:37:00 PM A+ A- Print Email
ये तो हम जानते ही हैं कि आवश्‍यकता आविष्‍कार की जननी है एक समय था कि ज‍ब हमें किसी काम को करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पडता था लेकिन इन सभी कठिनाईयों को कम करने के लिए नये नये आविष्‍कार किये और आज हम उन्‍हींं कार्यों को बडी ही आसानी से और जल्‍दी कर लेते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं विज्ञान के कुछ आविष्‍कार जानबूूूझ कर नहीं बल्‍कि गलती से हो गये थे तो आइये जानते हैं गलती से हुए थे विज्ञान के ये आविष्‍कार - These inventions of science happened by mistake

गलती से हुए थे विज्ञान के ये आविष्‍कार - These inventions of science happened by mistake

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माइक्रोवेव (Microwave ovens)

1945 में पर्सी स्पेनसर रेथियॉन कॉरपोरेशन में रिसर्च कर रहे थे. रिसर्च करते समय वे मैग्नेट्रॉन नामक एक नई वैक्यूम ट्यूब के साथ प्रयोग कर रहे थे. तभी अचानक उनकी जेब में रखी कैंडी बार पिघलने लगी. यह देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ. इसके बाद उन्होंने इसकी सच्चाई जानने के लिए पॉपकॉर्न लिया और जब पॉपकॉर्न भी फूटने लगा तो उन्होंने उस पूरी प्रक्रिया को नोटिस किया और 1947 में पहला माइक्रोवेव ओवन बनाया. इसे 'राडारेंज' कहा जाता था यह 1.8 मीटर लंबा था, इसका वजन 340 किलोग्राम था

कोका कोला (Coca-Cola)

गर्मीयों की शुरूआत होते ही हमें कोल्ड ड्रिंक की याद आती है और कोल्‍डड्रिंक में सबसे ज्‍यादा पॉप्‍यूलर है कोका कोला मगर क्या आपको पता है कोका कोला का आविष्कार गलती से हुआ है जी हां जॉन पेम्बर्टन स्टाइथ नाम के फार्मासिस्ट ने इसे गलती से बना दिया था. दरअसल, वे सिर दर्द का इलाज करने के लिए कोला नट और कोला की पत्तियों को मिलाकर प्रयोग कर रहे थे. उनके लैब असिस्टेंट ने संयोगवश दोनों को कार्बोनेटेड वॉटर से मिला दिया, तो एक पेय पदार्थ बन गया और कोका कोला नाम से मार्केट में आया. शुरुआती दिनों में यह सिर्फ दवा की दुकानों में ही मिलता था सेबसे पहली वार 1894 में मिसीसिपी के विक्सबर्ग में पहली बार सॉफ्ट ड्रिंक कोका कोला की बोटल बिक्री के लिए उतारी गई थी सोडा फाउंटेन ऑपरेटर जोसेफ बिडेनहार्ड ने इसकी बिक्री शुरू की थी इसे पहली बार दिमाग को शांत करने वाले टॉनिक के तौर पर पेश किया गया था

पोटैटो चिप्स (Potato Chips)

आलू के चिप्स अंग्रेजी भाषी देशों में तथा कई अन्य पश्चिमी देशों के स्नैक खाद्य बाजार का एक प्रमुख भाग है ऐसा कहा जाता है मूल आलू के चिप की उत्पत्ति सैरेटोगा स्प्रिंग्स न्यूयॉर्क में 24 अगस्त 1853 को हुई थी दरअसल एक ग्राहक द्वारा तले हुए आलुओं को इस शिकायत के साथ वापस भेजे दिया गया कि आलू बहुत मोटे तथा लिजलिजे हैं उस रिसौर्ट होटल के शेफ जॉर्ज क्रम उत्तेजित हो गए तथा उन्होंने आलुओं की बहुत पतली फांकें काटने का निर्णय लिया क्रम की उम्मीद के विपरीत उस ग्राहक को ये नए चिप्स बहुत पसंद आये तथा जल्दी ही उस होटल के मेनू में यह एक नियमित प्रविष्टि बन गयी जिसका नाम "सैरेटोगा चिप्स" था

पेसमेकर (Pacemaker)

दिल की धड़कन को नियंत्रित रखने के लिए पेसमेकर एक चिकित्सा उपकरण है पेसमेकर का काम किसी भी दिल को सामान्य गति से धडकाना या किसी की Heart Rate को सामान्य रखना है पेसमेकर का आविष्कार 1 कनेडियन वैज्ञानिक जॉन होप्‍स ने 1950 में किया था एक बार इलेक्ट्रिक इंजीनियर जॉन होप्स रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए बॉडी टेम्परेचर को रिस्टोर करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे इस दौरान उन्हें अहसास हुआ कि अगर दिल ठंड के कारण धड़कना बंद कर दे तो कृत्रिम उत्तेजना पैदा करने से यह फिर से धड़कना शुरू कर देता है सबसे पहला पेसमेकर का प्रयोग टोरंटो विश्वविद्यालय में एक कुते के ऊपर किया गया और 1958 में पहली बार मानव शारीर में ये पेसमेकर लगाया गया था

एक्स-रे (X Ray)

एक्स किरणों का प्रयोग आज टूटी हुई हड्डियों की तसवीर लेने में, रेडिएशन थेरेपी में तथा हवाई अड्डों की सुरक्षा आदि में किया जा रहा हैं इन किरणों का आविष्कार जर्मनी के भौतिकशास्त्री विल्हेल्म कोनराड रॉन्टजन (Wilhelm Conrad Rontgen) ने सन् 1895 में किया था दरअसल विल्हेम रोन्टजेन कैथोडिक रेज ट्यूब का आविष्कार करने में लगे थे लेकिन एक दिन उन्होंने देखा की लाइट जब चमक रही थी तो अपारदर्शी कवर होने के बावजूद भी इसके नीचे रखा पेपर साफ़ दिखाई दे रहा था। ये देखकर विल्हेम चौंक गए और वहां से उन्हें एक्सरे के आविष्कार का आइडिया मिला

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