अभिमन्‍यु भारद्वाज 7:06:00 PM A+ A- Print Email
दोस्‍तों हम जब से समझदार हुऐ हैं तब से लेकर आजतक टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करते आ रहे हैं पर क्‍या आपने कभी सोचा है कि ये टूथपेस्‍ट आया कहॉ से किसने पहली बार सोचा था कि दॉतों को साफ करने के लिए टूथपेस्‍ट बनाया जाए अगर नहीं तो आइये जानते हैं टूथपेस्‍ट का इतिहास - History of toothpaste

टूथपेस्‍ट का इतिहास - History of toothpaste

टूथपेस्‍ट का इतिहास - History of toothpaste

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टूथपेस्‍ट का इतिहास काफी पुराना है पुराने समय में दॉतों को साफ रखने के लिए टूथपेस्‍ट नहीं वल्कि अन्‍य चीजों को इस्‍तेमाल किया जाता था जिसमें नमक, पुदीना, आईरिस (Iris) फूल और मिर्च के मिश्रण शामिल थे भारत और चीन के लोगों ने पहली बार टूथपेस्ट का प्रयोग 500 ईसा पूर्व किया था ये लोग टूथपेस्ट को घोड़े के खुरों के टुकड़ों और अण्डों की बाहर की झिल्ली के जले हुए छिलके के साथ में झांवां को मिश्रित कर पेस्ट बना लिया करते थे और दांतों को साफ़ करते थे उस वक़्त भी टूथपेस्ट का उद्देश्य दांतो को साफ़ रखना, मसूड़ों को बचाना और ताज़ी साँसों को प्राप्त करना ही था ग्रीक और रोम के लोग टूथपेस्ट में स्वाद लाने के लिये कोयला और पेड़ों की छालों का प्रयोग किया करते थे चीन के लोग इसके लिये जिनसेंग (Ginseng) के पौधे, पुदीना संग नमक का प्रयोग किया करते थे
आधुनिक समय में टूथपेस्ट सन 1800 से बनना शुरू हुआ जो एक साबुन की तरह हुआ करता था और इसमें खड़िया मिश्रित हुआ करती थी इंग्लैंड में 1800 के वक़्त लोग सुपारी से दांतों को साफ़ किया करते थे और 1860 में यहाँ लोगों ने कोयले से दांत साफ़ करना शुरू कर दिया था इसके बाद कोलगेट कंपनी बाजार में आई जिसे विलयम कोलगेट ने स्‍थापित किया था ये एक अमेरिकी ब्रांड है जो मुख्य रूप से टूथपेस्ट, टूथब्रश, माउथवॉश बनाती है कोलगेट कंपनी ने सन् 1866 में खुशबूदार साबुन, इत्र और 1873 में पहली बार टूथपेस्ट बाजार में उतारा, जो कि ट्यूब के बजाय एक जार में भरा था कोलगेट ने 1873 में टूथपेस्ट को घड़े में बेचना शुरू दिया जिसमें लोग ब्रुश डूबा कर दांतों को साफ़ करते थे टूथपेस्ट को टूयूब में लाने का काम भी कोलगेट ने ही किया दरअसल 1896 में कोलगेट ने टूथपेस्ट को ट्यूब में पैक करके बेचना शुरू किया था ये इतना मशहूर हुआ कि आज सभी अधिकतर टूथपेस्ट ट्यूब के अंदर ही आते हैं कोलगेट दुनिया के 200 से ज्यादा देशों के एक अरब से ज्यादा लोगों की पसंद है और हर दिन हजारों प्रशंसक इसकी विश लिस्ट में जुड़ते जा रहे हैं
भारत में कंपनी ने 1937 में प्रवेश किया और धीरे-धीरे इसी देश की बनकर रह गई नई पीढ़ी तो कोलगेट को देसी कंपनी ही मानती है
टूथपेस्‍ट में झाग पैदा करने की क्षमता को फौगिंग पावर कहते हैं टूथपेस्‍ट में बुदबुदे पैदा करने वाले सफाई दायक पदार्थों के कारण टूथपेस्‍ट में झाग बनते हैं कठोर क्षाग दायक पदार्थ युक्‍त टूथपेस्‍ट मसूडों पर जमे मैल को घोलकर उन्‍हें कोशिकाओं से बाहर निकालकर मसूडों को नर्म बनाते हैं हालांकि कई टूथपेस्‍ट में सोडियम लेरिल सल्‍फेट झाग की क्षमता को बढाता है परन्‍तु इस पदार्थ के कारण मसूडों में जलन पैदा हो सकती है

Tag - Origin of Toothpaste, A Brief History of Toothpaste, An Introduction to Toothpaste

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