अभिमन्‍यु भारद्वाज 9:08:00 PM A+ A- Print Email
जानें विश्व दूरसंचार दिवस के बारे में - Know About World Telecommunication Day - प्रत्‍येक वर्ष 17 मई के दिन को विश्‍व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है इस दिवस को मनाने का उद्देश्‍य लोगों को दूरसंचार प्रौद्योगिकी के फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करना है तो आइये जानें विश्व दूरसंचार दिवस के बारे में - Know About World Telecommunication Day

जानें विश्व दूरसंचार दिवस के बारे में - Know About World Telecommunication Day

यह भी पढें - जानें कैसे होता है तूफानों का नामकरण
विश्व दूरसंचार दिवस सबसे पहली बार 17 मई वर्ष 1865 में मनाया गया था आधुनिक समय में इसकी शरूआत 1969 में मानी जाती है इसके बाद वर्ष 1973 में मैलेगा-र्रीमोलिनोन्स में एक सम्मेलन के दौरान विश्‍व दूरसंचार दिवस को पूर्ण रूप से मनाने के लिए घोषित किया गया वर्ष 2006 में टर्की में आयोजित पूर्णाधिकारी कांफ्रेंस के निर्णय अनुसार 'विश्व दूरसंचार' एवं 'सूचना' एवं 'सोसाइटी दिवस', तीनों को एक साथ मनाया जायेंगे

दूरसंचार तकनीक का संबंध हमारे जीवन से काफी गहरा है आज के समय में दूरसंचार तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ रही है कि कब हम 2G से 4G तक पहॅुच गये हमें पता ही नहीं चला एक समय था कि जब हम किसी से केवल उसकी अवाज सुनकर ही बात कर सकते थे लेकिन आज के समय में हम जिस व्‍यक्ति से बात करना चाहतेे हैं उसे विडियो कॉलिंग के माध्‍यम से बात कर सकते हैं दुरसंचार तकनीक ने हमारी हजारों किलोमीटर की दूरीयों को ना के बराबर कर दिया है आज जिस आसानी से हम अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कई ऐसे कार्य कर लेते हैं, जिसके लिए कुछ साल पहले काफ़ी मशक्कत करना पड़ती थी दूरसंचार क्रांति की बदौलत ही भारत की गिनती आज विश्व के कुछ ऐसे देशों में होती है, जहाँ आर्थिक समृद्धि में इस क्रांति का बड़ा योगदान रहा है

Tag - विश्व दूरसंचार दिवस - World Telecommunications Day, World Telecommunications Day, World Telecommunication and Information Society Day 17 May, World Information Society Day, World Telecommunication and Information Society Day 2020, World Telecommunications Day in india, World Telecommunications Day in hindi

Post a Comment

यह बेवसाइट आपकी सुविधा के लिये बनाई गयी है, हम इसके बारे में आपसे उचित राय की अपेक्षा रखते हैं, कमेंट करते समय किसी भ्‍ाी प्रकार की अभ्रद्र भाषा का प्रयोग न करें