अभिमन्‍यु भारद्वाज 2:21:00 AM A+ A- Print Email
यूॅ तो भारत मंदिरों का देश है यहॉ आपको हर शहर हर गॉव में आपको मंदिर मिल ही जाऐगा मंदिरों एवं भगवान में हिन्दुओं की अटूट आस्था होती है इसी आस्था एवं विश्वास पर विश्वभर में अनेक स्थानों पर विशाल हिन्दू मंदिरों की स्थापना की गई लेकिन इन मंदिरों में कुछ मंदिर ऐसे हैं जिनका नाम विश्‍व के सबसे बडे मंदिरों में शामिल है तो आइये जानते हैं विश्‍व के 10 सबसे बडे मंदिर - 10 biggest temples of the world

विश्‍व के 10 सबसे बडे मंदिर - 10 biggest temples of the world

1. अंकोरवाट मंदिर (Ankorwat Temple)

भगवान विष्‍णु को समर्पित अंकोरवाट का मंदिर जो भारत नहीं बल्कि कंबोडिया के अंकोर में है जो सिमरिप शहर में मीकांग नदी के किनारे बसा हुआ है इस देश में भारत की संस्कृति से संबंधित कई प्राचीन स्मारक भी हैं इस मंदिर का निर्माण कम्बुज के राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने कराया था इस मंदिर के चित्र को कम्बोडिया के राष्ट्रीय ध्वज में छापा गया है यह मंदिर कुल 820000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बना हुआ है इस मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है

2. श्री रंगनाथ स्वामी (श्रीरंगम) मंदिर (Sri Ranganatha Swamy (Srirangam) Temple)

यह भारत का सबसे बडा मंदिर है जो तमिलनाडु के त्रिची नामक स्थान पर स्थित है जिसे भू-लोक वैकुण्ठ कहा जाता है भगवान विष्‍णु को समर्पित यह मंदिर 6,31,000 वर्गमीटर के क्षेत्र में स्थित है यहॉ छोटे बडे कुल 49 धार्मिक स्‍थल हैं जिनके चलते मंदिर हर वक्‍त भक्‍तों से भरा रहता है इस मंदिर का मुख्य गोपुरम यानी मुख्य द्वार 236 फीट (72 मी) ऊँचा है, इसे ‘राजगोपुरम’ कहा जाता है

3. अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple)

कुल 240000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैला दिल्‍ली का अक्षरधाम मंदिर तीसरा सबसे बडा मंदिर है नई दिल्ली में बना स्वामिनारायण अक्षरधाम मन्दिर एक अनोखा सांस्कृतिक तीर्थ है दुनिया का सबसे विशाल हिंदू मन्दिर परिसर होने के नाते 26 दिसम्बर 2007 को यह गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिका‌र्ड्स में शामिल किया गया

4. थिल्लई नटराज मंदिर (Thillai Natraj Temple)

भगवान शिव को समर्पित नटराज मंदिर तमिलनाडू के चिदंबरम शहर में है इस मंदिर को चिदंबरम मंदिर भी कहा जाता है इसका क्षेत्रफल लगभग 1,60,000 वर्गमीटर है यहॉ भगवान शिव के अलावा सिवाकामी अम्‍म, गणेश, मुस्‍गन, और गोविन्‍दराजा पेरूमल की भी पूजा होती है

5. बेलूर मठ (Belur Math)

हुगली नदी के किनारे स्थिल इस मठ का निर्माण Swami Vivekananda द्वारा 1897 में कराया गया था 160000 वर्गमीटर में फैले इस मठ में मॉ अद्याकाली की पूजा होती है इस मठ के मुख्य प्रांगण में स्वामी रामकृष्ण परमहंस, शारदा देवी, स्वामी विवेकानंद और स्वामी ब्रह्मानन्द की देहाग्निस्थल पर उनकी समाधियाँ व मन्दिर अवस्थित है यह मठ Ramakrishna Mission and Ramakrishna Math का मुख्यालय है

6. बृहदेश्वर मन्दिर (Brihadeeswarar Temple)

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तंजौर में स्थित एक हिंदू मंदिर है जो 11वीं सदी के आरम्भ में बनाया गया था यह मंदिर लगभग 10,24,00 वर्गमीटर के क्षेत्र में स्थित है बृहदेश्वर मंदिर पूरी तरह से ग्रेनाइट नि‍र्मि‍त है। विश्व में यह अपनी तरह का पहला और एकमात्र मंदिर है जो कि ग्रेनाइट का बना हुआ है इस मंदिर में स्थित शिवलिंग की ऊॅचाई 12 फीट है इस मंदिर का निर्माण चोल राजाओं ने 1010 ईसापूर्व में कराया था

7. अन्नामलाईयर मंदिर (Annamalaiyar Temple)

तमिलनाडु (Tamil Nadu) का अन्नामलाईयर मंदिर, हिन्दुओ का एक प्रमुख मंदिर है जो भगवान् शिव को समर्पित है यह मंदिर 101171 क्षेत्रफल में फैला हुआ है

8. एकंबरेश्वर मंदिर (Ekambareswar Temple)

एकाम्बरनाथ मन्दिर भारत के तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य के Kanchipuram city मे है यह मंदिर दक्षिण भारत के पांच महाशिवमंदिरों तथा पंचभूत महास्‍थलों में से एक है भगवान शिव का यह मंदिर लगभग 92860 वर्गमीटर में बना हुआ है ऐसा मना जाता है की मंदिर मे अनेक बरसों से एक आम का पेड़ है जो लगभग 3400-4000 वर्ष पुराना है इस पेड़ की हर शाखा पर अलग-अलग रंग के आम लगते है और इनका स्वाद भी अलग अलग है

9. थिरुवनाईकवल मंदिर (Thiruvanaikaval Temple)

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के त्रिची नामक स्थान पर स्थित इस प्रसिद्ध शिव मंदिर का निर्माण 1800 वर्ष पूर्व राजा कोसंगनन ने करवाया था यह लगभग 72,843 वर्गमीटर में स्थापित है

10. नेल्लई अप्पर मंदिर (Nellai Upper Temple)

तमिलनाडु (Tamil Nadu)  के तिस्‍नेवेली शहर में स्थित यह मंदिर नेल्‍लईप्‍पर और श्री अरूल्‍थारूम कन्थिमथि अम्‍बल को समर्पित है लगभग 71000 वर्ग मीटर में फैला यह मंदिर भारत के प्रचीन मंदिरों में से एक है इस मंदिर का निर्माण 2500-3000 साल पूर्व मुलुठुकंडा रामा पांडियन ने कराया था


Post a Comment

यह बेवसाइट आपकी सुविधा के लिये बनाई गयी है, हम इसके बारे में आपसे उचित राय की अपेक्षा रखते हैं, कमेंट करते समय किसी भ्‍ाी प्रकार की अभ्रद्र भाषा का प्रयोग न करें